सहकारिता आंदोलन से बदल रहा है ग्रामीण जीवन – बिरला

कोटा, 19 सितम्बर (वार्ता) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि सहकारिता आंदोलन किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के आर्थिक-सामाजिक जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रहा है और अब यह जनकल्याण की मजबूत आधारशिला बन चुका है।

श्री बिरला ने आज यहां आयोजित गोपाल क्रेडिट कार्ड महाऋण वितरण कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि सहकारिता आंदोलन केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम है। यह आवश्यक है कि हर गांव की महिला आत्मनिर्भर बने, हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले और हर बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य पाए। यही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का संकल्प है और यही नया भारत है, जिसमें हजारों महिलाएं सहकारिता से जुड़कर स्वावलंबी बन रही हैं।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में सहकारिता सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत इस अवसर पर 1539 किसानों को 1047.37 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि विश्व के 123 देशों में सहकारिता आंदोलन ने आर्थिक और सामाजिक जीवन को दिशा दी है। भारत में भी श्री मोदी के नेतृत्व में यह आंदोलन नई ऊँचाइयों पर पहुँचा है। इसी कारण केंद्र सरकार ने सहकारिता मंत्रालय का गठन किया और गृह मंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी दी।

उन्होंने कहा कि पहले किसान सूदखोरों के कर्ज के बोझ से दबे रहते थे, लेकिन अब ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिल रहा है। यही बदलाव गांव-गांव तक नई उम्मीद पहुँचा रहा है।

श्री बिरला ने कहा कि कोटा-बून्दी क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। डेयरी क्षेत्र में 20 हजार से अधिक महिलाएं सक्रिय हैं और प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक दूध का संग्रहण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केवल दूध ही नहीं, बल्कि सब्जियों और अन्य उत्पादों को भी सहकारिता प्रतिमान से जोड़ा जाएगा। मदर डेयरी जैसे संस्थानों से जुड़कर यहां प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित होंगे, जिससे किसानों और महिलाओं को बेहतर मूल्य मिलेगा। श्री बिरला ने कहा कि छोटे प्रयास भी बड़े आर्थिक प्रतिमान गढ़ सकते हैं, जैसा कि कई स्वयं सहायता समूह करोड़ों रुपये का कारोबार कर दिखा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में किसानों, श्रमिकों और पशुपालकों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से हजारों पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं को राहत मिली है। इसके तहत एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। लक्ष्य यह है कि हर महिला को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिले।

श्री बिरला ने कहा कि दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर कोटा-बून्दी क्षेत्र के लिए अपार संभावनाएं लेकर आया है। यहां की सब्जियाँ और कृषि उत्पाद कुछ ही घंटों में बड़े बाजारों तक पहुँचेंगे, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने किसानों और महिलाओं से आह्वान किया कि वे सहकारिता आंदोलन से जुड़कर अपने उत्पाद बड़े पैमाने पर बाजार तक पहुँचाएँ और आर्थिक समृद्धि हासिल करें।

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