
मुलताई। मुलताई स्थित श्रीराम मंदिर की लगभग 200 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि को लेकर उठा विवाद श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने इस भूमि सौदे को सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि धर्म और जनभावना का प्रश्न बताते हुए सख्त कदम उठाए हैं।
उन्होंने एसडीएम को पत्र लिखकर भूमि की पारदर्शी जांच हेतु संयुक्त जांच दल गठित करने के निर्देश दिए हैं और प्रशासन से हर कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। देशमुख ने अपने पत्र में 1913 का बकनीसनामा, 1959-60 के विक्रय पत्र, 2009 का असाधारण राजपत्र और 2008 का धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का ज्ञापन जैसे ऐतिहासिक दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
हाल ही में ताप्ती भक्तगणों द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन ने इस विवाद को और गहरा दिया है। विधायक का कहना है कि यह मामला केवल रजिस्ट्री या वसीयत तक सीमित नहीं, बल्कि रामभक्ति और मंदिर की मर्यादा से जुड़ा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस भूमि का हर अंश उनकी भावनाओं से जुड़ा है। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर हैं कि जांच कितनी तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ती है।
