
भोपाल। 21 सितंबर को राजधानी के समन्वय भवन में होने वाला माँ नर्मदा संवाद कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति को जोड़ने वाला संदेशवाहक अवसर बनने जा रहा है। नर्मदा मिशन इस कार्यक्रम का आयोजन रेवापथ के सिद्ध महायोगी दादा गुरु की अखंड निराहार महाव्रत साधना के 1800 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में कर रहा है।
दादा गुरु ने बीते पाँच वर्षों से अधिक समय से अन्न का त्याग कर केवल माँ नर्मदा के जल पर जीवन यापन कर मानवता को प्रकृति और नदियों की महत्ता का संदेश दिया है। उनकी तपस्या भारतीय सनातन संस्कृति की तप शक्ति और आस्था का जीवंत प्रतीक मानी जा रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे, वहीं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल और विश्वास सारंग विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वैश्विक संकट और चुनौतियां, एक साधना-एक समाधान, प्रकृति प्रधान संस्कृति और माँ नर्मदा जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
नर्मदा संवाद में शोध वृत्तचित्र का प्रसारण और पत्रिका समर्थ सृष्टि का लोकार्पण भी किया जाएगा। नर्मदा मिशन ने समाज के हर वर्ग से अपील की है कि वे इस संवाद में शामिल होकर दादा गुरु की तपस्या से प्रेरणा लें और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत करें।
