
नयी दिल्ली, 17 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आयोजित एक बैठक में दिल्ली राज्य सहकारी बैंक के आधुनिकीकरण और व्यवसाय में विविधता लाने पर जोर दिया गया।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिल्ली की अल्पावधि सहकारी ऋण संस्थाओं पर उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की पहली बैठक मंगलवार को नाबार्ड के नयी दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित की गयी थी। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार में सहकारिता सचिव शिल्पा शिंदे ने की।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक अशोक कुमार, दिल्ली सरकार में सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार सिंह, दिल्ली राज्य सहकारी बैंक के कार्यवाहक प्रबंध निदेशक राजीव कुमार कादयान, नाबार्ड नयी दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी अधिकारी एवं महाप्रबंधक नवीन कुमार राय, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ की उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी सावित्री सिंह और सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।
बैठक में दिल्ली राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रदर्शन पर गहन चर्चा की गयी और दिशा-निर्देशों/निर्देशों के अनुपालन से संबंधित चिंताओं को उजागर किया गया। साथ ही तकनीकी उन्नयन करने, व्यवसाय में विविधता लाने और शासन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
श्रीमती शिंदे ने जमीनी स्तर पर ऋण वितरण में सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और दिल्ली राज्य सहकारी बैंक को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए आधुनिकीकरण और रणनीतिक विकास अपनाने का आग्रह किया।
रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने नियामक अनुमोदनों को सुगम बनाने के लिए सतत् अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि श्रीमती सिंह ने सहकारी बैंकों की प्रबंधकीय दक्षता को मजबूत करने में अपने संस्थान की भूमिका को रेखांकित किया।
