
डिंडौरी। प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए आज तहसीलदार रामप्रसाद मार्को , पुलिस विभाग और नगर परिषद के संयुक्त दल ने शहर स्थित वार्ड नंबर – 7 कि एक धर्मशाला को खाली कराकर ताला जड़ दिया। बताया गया कि धर्मशाला का उपयोग नियम विरुद्ध आवासीय उपयोग मे किया जा रहा था, जहां स्थानीय बबलू बर्मन देवी प्रतिमाओं का निर्माण भी कर रहा था। बता दे कि उक्त मामले कि शिकायत मेकलसुता मंदिर समिति डिंडोरी द्वारा जनसुनवाई मे कि गई थी, जिसे गंभीरता से लेते हुये आज प्रशासनिक महकमे द्वारा संयुक्त कार्यवाही कर अवैध कब्जे को खाली कराया गया।
प्रतिमाओं को पूर्ण करने दी मोहलत हालांकि जब प्रशासन द्वारा कब्जे को हटाने और धर्मशाला मे ताला जड़ने कि कार्यवाही कि जा रही थी तब बबलू बर्मन और उसकी पत्नी कि प्रशासनिक महकमे से नोकझोंक भी हुई, लेकिन कार्यवाही के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक एवं सार्वजनिक उपयोग की इमारतों में निजी गतिविधियां या व्यवसाय नहीं किए जा सकते। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए बबलू बर्मन को प्रतिमाओं को पूर्ण करने के लिए 22 सितंबर तक की मोहलत दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई लोगों की शिकायतों और नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है। धर्मशाला को अब पूर्णत: सील कर दिया गया है ताकि आगे किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो सके।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों का उपयोग केवल धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए होना चाहिए। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की शिकायतों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है
आज अतिक्रमण कि कार्यवाही तो नहीं थी,लेकिन एक मंदिर परिसर किनारे नर्मदा परिक्रमावासियो और तीर्थ यात्रियों के लिये धर्मशाला बनाया गया था, जहाँ एक मूर्तीकार ने कब्ज़ा कर लिया था, चूँकि धर्मशाला नर्मदा किनारे भी है और यहॉँ आये दिन धार्मिक यात्रा करने वाले और परिक्रमावसी आते हैँ, जिन्हे कि रुकने – ठहरने धर्मशाला कि आवश्यकता है , अतः धर्मशाला को नगर परिषद ने अपने कब्जे मे लिया है।
रामप्रसाद मार्को
तहसीलदार, डिंडोरी
