सतना: न्यायालयीन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश (विद्युत) नागौद सदाशिव दांगौड़े के न्यायालय द्वारा उचेहरा के कनिष्ठ यंत्री सतीश पटेल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही किए जाने निर्देश दिया गया था। उक्त आदेश के परिपालन में मुख्य महाप्रबंधक संपदा सराफ ने विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ अभियंता सतीश पटेल को निलंबित कर दिया गया।
सतीश पटेल द्वारा न्यायालयीन कार्य में अपने दायित्व के प्रति उदासीनता दिखाए जाने पर यह कार्रवाही की गई। नागौद के विशेष न्यायाधीश (विद्युत) न्यायालय में 11 सितंबर को विचाराधीन विशेष विद्युत प्रकरण मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड विरुद्ध अर्जुन कुम्हार धारा 138 विद्युत अधिनियम के प्रकरण में अभियुक्त अर्जुन कुम्हार पिता रामेश्वर कुम्हार की जमानत के लिए अधिवक्ता ने आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था।
जिसमें न्यायालय ने 12 सितंबर 2025 की तिथि नियत करते हुए प्रतिवेदन तलब किया था। 12 सितंबर की नियत तिथि के पूर्व कनिष्ठ यंत्री सतीश पटेल ने अभियुक्त को जमानत का लाभ पहुंचाने की नीयत से 11 सितंबर को ही जमानत के संबंध में प्रतिवेदन अभियुक्त के अधिवक्ता को दे दिया। जिसे कंपनी की ओर से पेश न किए जाने पर न्यायालय ने आरोपी के अधिवक्ता को प्रतिवेदन मूलतः वापस करने के बाद कनिष्ठ यंत्री सतीश पटेल को कई बार न्यायालय में उपस्थित होकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के संबंध में कहा, लेकिन वह न्यायालय के आदेश की लगातार उपेक्षा करते रहे। ना तो प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और ना ही संतोष जनक उत्तर दिया था। जिससे कनिष्ठ यंत्री सतीश पटेल द्वारा न्यायालय के आदेश की अनदेखी पर न्यायालय ने विभागीय कार्यवाही किए जाने निर्देशित किया गया था।
