नयी दिल्ली, 16 सितंबर (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि पात्र दिव्यांगजनों को प्रतिमाह छह हज़ार रुपये वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
श्रीमती गुप्ता ने आज घोषणा की है कि उच्च सहयोग की आवश्यकता वाले पात्र दिव्यांगजनों को अब प्रतिमाह 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य उन व्यक्तियों और उनके परिजनों को सहयोग देना है, जो दिव्यांगता के कारण आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। आर्थिक सहायता पाने वालों के लिए कुछ मानदंड भी निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस योजना की शुरुआत करेंगे। दिल्ली कैबिनेट की हुई बैठक में इस योजना को पारित कर दिया गया था। उन्होंने कहा ” दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं। उन्हें गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अधिकार है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति अपनी दिव्यांगता के कारण उपेक्षित या असहाय महसूस न करे।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की यह योजना उन दिव्यांगजनों के लिए है, जिन्हें 40 प्रतिशत या उससे अधिक की दिव्यांगता है और जिन्हें जिला स्तरीय आकलन बोर्डद्वारा 60 से 100 स्कोर के बीच उच्च सहयोग प्रमाणित किया गया है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी को प्रतिमाह 6,000 रुपये की राशि सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य देखभाल करने वाले सहायक (केयरटेकर) का खर्च, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सहायक उपकरणों तथा अन्य आवश्यक सहयोग सेवाओं के लिए है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए पात्रता मानदंड भी निर्धारित किए गए हैं। लाभार्थी कम से कम पांच वर्ष से दिल्ली में निवास करता हो, परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक न हो, साथ ही आधार कार्ड से लिंक्ड सत्यापन भी हो। उन्होंने कहा कि पात्र दिव्यांग नागरिक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर पंजीकरण कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी आवेदन को प्रक्रिया में लाएंगे और संबंधित आकलन बोर्ड द्वारा सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का महत्व केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है। यह पहल दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा , “हमारी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों के लिए समर्पित है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उन्हें आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध हों ताकि वे अपनी आवश्यक जरुरतों को पूरा कर सकें। यह योजना दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करने का माध्यम बनेगी, साथ ही उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से भी सहारा देगी। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि दिव्यांगजन करुणा के पात्र न होकर समाज में सक्रिय और सम्मानित नागरिक बन सकें।”

