
बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील और सारणी क्षेत्र के ग्राम गांधीग्राम में डब्ल्यूसीएल अंतर्गत तवा-3 कोयला खदान के निर्माण कार्य के दौरान रेत और गिट्टी के अवैध भंडारण का खुलासा हुआ है। 15 सितंबर को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर सहायक खनि अधिकारी बैतूल व राजस्व अमले ने संयुक्त निरीक्षण कर कार्रवाई की।
निरीक्षण में पाया गया कि शासकीय भूमि (खसरा क्रमांक 159, रकबा 0.503 हेक्टेयर) पर कोयला खदान के लिए बनाए जा रहे मुहाने के पास एक आरएमसी प्लांट स्थापित था। इसके पास रेत के दो बड़े ढेर (169 घन मीटर) और गिट्टी का एक ढेर (57 घन मीटर) अवैध रूप से भंडारित किया गया था।
कंपनी प्रतिनिधि न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति प्रस्तुत कर पाया और न ही भंडारित खनिज की रॉयल्टी रसीद। जांच में कंपनी द्वारा बिना अनुमति रेत-गिट्टी का अवैध भंडारण पाया गया। इस पर मध्यप्रदेश खनिज अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय अपर कलेक्टर बैतूल में प्रस्तुत किया जा रहा है।
