ग्वालियर: कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट के तीन साल पूरे होने से पहले एक दुखद घटना घटी। तेंदुए ने ज्वाला चीता के एक शावक को मार डाला। शावक को उसकी मां के साथ जंगल में छोड़ा गया था लेकिन कुछ समय पहले वह उनसे अलग हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का सही कारण पता चलेगा। कूनो नेशनल पार्क में पहली बार तेंदुए और चीते में संघर्ष की घटना सामने आई है। इसमें तेंदुए ने ज्वाला चीता के शावक को मार डाला।
सोमवार की रात शावक मृत अवस्था में पाया गया। गौरतलब है कि शावक को 21 फरवरी, 2025 को उसकी मां ज्वाला और तीन भाई-बहनों के साथ जंगल में छोड़ा गया था। कुछ सप्ताह पहले वह अपनी मां से अलग हो गया और हाल ही में उसने अपने भाई-बहनों का साथ भी छोड़ दिया था। सीसीएफ सिंह परियोजना उत्तम कुमार शर्मा का कहना है कि ज्वाला का यह शावक अब स्वतंत्र रूप से रह रहा था। मौत का प्रारंभिक कारण तेंदुए से संघर्ष सामने आया है। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। कूनो में वर्तमान में कुल 25 चीते हैं, जिनमें नौ वयस्क तथा 16 भारतीय मूल के चीते शामिल हैं।
