सीहोर। शनिवार को लोक अदालत में 7 घंटे में 5 हजार 221 प्रकरणों का निराकरण हो गया. इन प्रकरणों से 11 करोड़ 25 लाख 79 हजार 156 रुपए की समझौता राशि जमा करवाई गई.
आपसी समझौते के आधार पर निराकरण के लिए रखे कुल 934 प्रकरणों का निराकरण कर कुल 7 करोड़ 39 लाख 39 हजार 520 रुपए जमा कराए गए. नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ के समक्ष कुल 4 हजार 287 प्रकरणों का निराकरण करवाकर 3 करोड़ 86 लाख 39 हजार 636 रुपए समझौता राशि जमा करवाई गई. इस तरह नेशनल लोक अदालत में शनिवार को कुल 5 हजार 221 प्रकरणों का निराकरण किया गया. शनिवार की सुबह 10 बजे नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रकाशचंद्र आर्य ने किया. इस मौके पर वैभव मण्डलोई, हेमंत जोशी, न्यायाधीश संजय गोयल, एमके वर्मा, स्मृतासिंह ठाकुर, विनीता गुप्ता, स्वप्नश्री सिंह, दीपेन्द्र मालू आदि उपस्थित थे.
शनिवार को लोक अदालत में सबसे ज्यादा वो लोग पहुंचने जिनके मनमाने बिजली बिल आए थे. ग्वालटोली निवासी पतिराम ने बताया कि उनका बिजली बिल 54 हजार 806 रुपए का बिल आया है. 75 साल की उम्र है अब कैसे जमा करें. इसी तरह गंज निवासी छतर सिंह ने बताया कि 12 हजार 111 रुपए बिल आया है. जमनाप्रसाद ने बताया कि वे डोहर मोहल्ले में रहते हैं उनका 37000 रुपए बिल आया है.सुदामा नगर निवासी भगवान स्वरूप का भी बिजली बिल 54 हजार 716 रुपए का आया है.
लोक अदालत में शामिल लोगों की समस्याएं सुनने के लिए प्रधान जिला न्यायाधीश प्रकाश चंद्र आर्य ने सभी विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया.
दो बेटियों को फिर मिला माता- पिता का साथ
नेशनल लोक अदालत में एक चर्चित मामला देखने को मिला. इस मामले में आवेदक सचिन अपनी पत्नि प्रिया से पारिवारिक विवाद के कारण अलग रहने लगा था. दोनों में विवाद और बढ़ गया था। दोनो की दो बेटियां है. न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश वैभव मण्डलोई द्वारा दोनों को समझाइश दी गई. समझाईश के बाद दोनों साथ रहने को राजी हुए और एक दूसरे को खुशी-खुशी माला पहनाकर घर लौटे.
