ग्वालियर:संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक श्रृंखला “सृजनपर्व” तानसेन सभागार में भव्यता और उल्लास के साथ हुआ। थीम थी “नारी शक्ति”, जिसकी परिकल्पना एवं संयोजन डॉ. अंजना झा डीन, छात्र कल्याण ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। मंच पर मुख्य अतिथि डॉ. महिमा तारे, कुलगुरु डॉ. स्मिता सहस्रबुद्धे और कुलसचिव की उपस्थिति रही।
स्वरवाद्य विभाग की “शक्ति आह्वान” शीर्षक प्रस्तुति में सितार, वायलिन, बाँसुरी और तबला का अद्भुत संगम हुआ। संगीत निर्देशक डॉ. श्याम रस्तोगी के मार्गदर्शन में स्वर और लय की गूंज ने सृष्टि और देवी शक्ति का आभास कराया। कत्थक नृत्य विभाग की प्रस्तुति “महिषासुर मर्दिनी” कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रही।
देवी दुर्गा और महिषासुर के युद्ध प्रसंग को जिस जीवंतता और भावप्रवणता से प्रस्तुत किया गया, उसने पूरे सभागार को रोमांचित कर दिया। डॉ. अंजना झा के निर्देशन में कामाक्षी शर्मा, साक्षी अरोरा, संजना भारद्वाज, नेहा जेरोनिया, नंदिनी जेरोनिया, अनन्या और प्रथा उपाध्याय ने ताल, लय और अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम पेश किया। प्रस्तुति में शक्ति, साहस और नारीत्व की गरिमा झलक रही थी।
