भोपाल। स्मार्ट सिटी बनने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन शहर की कई सड़कें आज भी लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। एमपी नगर, न्यू मार्केट, कोलार रोड, रायसेन रोड, करोंद, लालघाटी, अयोध्या बायपास, वीआईपी रोड, प्रियंका नगर और एमपी रचना नगर समेत कई इलाकों में खुली और टूटी नालियां हादसों को न्योता दे रही हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी पैदल चलने वाले लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। कई जगह फुटपाथ नहीं होने के कारण लोगों को सड़क के किनारे चलना पड़ता है, जहां जरा-सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बारिश के दौरान पानी भरने से खुली नालियां दिखाई नहीं देतीं, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है। रात के समय कम रोशनी होने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
बारिश के मौसम में खुली नालियां सिर्फ हादसों का ही नहीं, बल्कि बीमारियों का भी बड़ा कारण बनती हैं। इनमें गंदा पानी जमा होने से मच्छर पनपते हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे अधिक असर पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। कुछ स्थानों पर लगाए गए अस्थायी ढक्कन भी टूट चुके हैं या गायब हो गए हैं। हालांकि, नगर निगम का कहना है कि क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। जिन स्थानों से शिकायतें मिली हैं, वहां काम शुरू कर दिया गया है और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान किया जाएगा।
सवाल यह है कि आखिर स्मार्ट सिटी में नागरिकों की सुरक्षा कब पूरी तरह सुनिश्चित होगी? जब तक खुली नालियों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक भोपाल की सड़कों पर हर कदम खतरे से खाली नहीं है।
