
उज्जैन। साइबर ठगी को बढ़ावा देने के मामले में उपयोग हो रही मोबाइल सिम कार्ड का पता लगाने के लिए पुलिस में ऑपरेशन फास्ट की शुरुआत की है। जिसमें एक आरोपी को हिरासत में दिया गया है। उसके पास से 25 सिम बरामद की गई है।
राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर प्रदेश में ऑपरेशन फास्ट की शुरुआत की गई है। जिसमें फर्जी और डुप्लीकेट सिम बेचने वालों की धरपकड़ की जा रही है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन फास्ट में आगर नाका पर रहने वाले इमरान पिता सलीम नागौरी को हिरासत में लिया गया है। साल 2023 में इमरान माधव नगर क्षेत्र स्थित सीवी टेलीकॉम पर एजेंट के रूप में काम करता था। इसी दौरान उसने फर्जी तरीके से कई सिम कार्ड जारी किए। बाद में उसने स्वयं का पीओएस बनवाकर महाकाल थाना क्षेत्र में दुकान खोली और वहां भी फर्जी सिम कार्ड बेचे। इमरान भोले-भाले और कम जागरूक लोगों को निशाना बनाता था। वह उन्हें सिम पोर्ट या नया सिम देने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, फोटो और अन्य दस्तावेज अपने पास ले लेता था। कई बार वह ग्राहकों को ओटीपी के बहाना डबल ओटीपी लेता और उनकी जानकारी के बिना डुप्लीकेट सिम जारी कर देता था। इस तरह उसने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कई लोगों की व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी सिम कार्ड तैयार किए, जिन्हें आगे अपराधियों तक पहुंचाकर आर्थिक लाभ उठाया जाता था। आरोपी के पास से बायोमेट्रिक मशीन, दस्तावेज और फर्जी सिम कार्ड बरामद की गई है। आरोपी के विरुद्ध थाना महाकाल और थाना माधव नगर थाने पर धारा 318(4) भा.दं.सं. एवं धारा 66 (ग) आईटी एक्ट, 42(3)(ई), 42(6) दूरसंचार अधिनियम 2023 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
