जीएसटी में राहत न मिलने से नाराज ईंट भट्ठा मालिकों ने दी विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी

नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) अगली पीढ़ी के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों में राहत न मिलने से नाराज ईंट भट्ठा मालिकों ने करों में कटौती की मांग करते हुए शुक्रवार को कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गयीं तो वे विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

अखिल भारतीय ईंट एवं टाइल निर्माता महासंघ ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा कि ईंट उद्योग पर 12 प्रतिशत जीएसटी दर लागू रहने और कोयले पर कर 18 प्रतिशत किये जाने से यह उद्योग गहरे संकट में है। इस कारण ईंट निर्माता बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमवीर सिंह भाटी ने बताया कि साल 2017 में जीएसटी लागू होने पर लाल ईंट निर्माताओं को एक प्रतिशत कर वाले कम्पोजीशन स्कीम में जगह दी गयी थी। अप्रैल 2022 से 20 लाख रुपये तक की सीमा के साथ ईंट भट्ठों को विशेष कम्पोजिशन स्कीम में शामिल किया गया और बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के ईंट पर छह प्रतिशत और इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 12 प्रतिशत कर लगाया गया।

श्री भाटी ने कहा कि जीएसटी परिषद की हाल में घोषित सुधारों में ईंट के बारे कोई जिक्र नहीं किया गया है जबकि 99 प्रतिशत चीजों पर करों में कटौती का दावा किया गया है। उन्होंने परिषद से ईंट पर कर की दर एक प्रतिशत करने की मांग की।

महासंघ ने कहा कि सीमेंट पर कर दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई, जबकि ईंट निर्माताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री मुरारी कुमार ‘मन्नू’ ने कहा कि ईंट भट्ठा एक ग्रामीण मौसमी उद्योग है, जिसमें हर साल करीब तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार पाते हैं। उन्होंने कहा, “सरकार की उपेक्षा और गलत कर नीतियों से यह उद्योग बंद होने की कगार पर है। यदि कर दरों में तुरंत सुधार नहीं हुआ तो लाखों लोगों का रोजगार और आम नागरिक का अपना घर बनाने का सपना दोनों प्रभावित होंगे।”

महासंघ ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश पर पूरे देश के भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में बदला गया, जिसमें प्रति भट्ठा लगभग 50 लाख रुपये का निवेश हुआ। इसके बावजूद किसी भी सरकारी एजेंसी से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली। नतीजतन तैयार ईंट की कीमतें बढ़ गई हैं और आम नागरिकों पर सीधा बोझ पड़ा है। इसका असर प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं पर भी पड़ सकता है।

 

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