
सीहोर।सोशल मीडिया पर दोस्ती कर नाबालिग को ब्लैकमेल करने का बड़ा मामला उजागर हुआ है. आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से पीडि़ता से दोस्ती की और बाद में ब्लैकमेल कर कतीन लाख रुपए नकद और लाखों रुपए की ज्वेलरी ऐंठ ली. जब आरोपी ने और अधिक पैसे की मांग की, तो पीडि़ता ने अपने पिता को घटना की जानकारी दी. इसके बाद मामला थाने पहुंचा.
थाना कोतवाली पुलिस के अनुसार तिरुपति कॉलोनी निवासी पिता ने गत दिनों थाना कोतवाली में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की और बाद में ब्लैकमेल कर नकदी व ज्वेलरी ऐंठ ली. पिता ने आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत एवं नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनंदना शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई. टीम को आरोपी की तलाश और नगदी व जेवरात की रिकवरी का जिम्मा दिया गया. टीम ने इछावर निवासी 22 वर्षीय आरोपी निर्मल श्रीवास्तव उर्फ मयंक को सीहोर में गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि ऑनलाइन गेमिंग में हारने के बाद पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए पीडि़ता से नकदी और ज्वेलरी ली. ज्वेलरी को अलग-अलग जगह से गोल्ड लोन के माध्यम से कैश कराया. आरोपी का कहना था कि ऑनलाइन गेमिंग में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उसने पीडि़ता को ब्लैकमेल किया. उसने मान लिया कि वह नाबलिग से नकदी और ज्वेलरी लेकर गेमिंग में हार हुए पैसे चुका सकता है.यह घटना समाज में नाबालिगों को सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर करती है.
कुछ इस तरह परत दर परत खुला मामला
पीडि़ता ने अपने पिता को घटना की जानकारी देकर समय रहते पुलिस को सूचना दी. पिता की सतर्कता से आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी और और आगे की ब्लैकमेलिंग रोकी गई. यह घटना यह दर्शाती है कि ऑनलाइन फ्रेंडशिप में सावधानी अत्यंत आवश्यक है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया. आरोपी से चोरी गई नकदी और ज्वेलरी की रिकवरी के प्रयास जारी हैं. कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि आरोपी से नगदी और जेवरात की वसूली की जा रही है और सभी कानूनी कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता के साथ हो रही है.
