नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को जन्मदिन पर बधाई दी लेकिन उनके संदेश से लगता है कि प्रधानमंत्री आरएसएस को खुश करने की कोशिश में हैं।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री ने आरएसएस नेतृत्व को खुश करने की अपनी बेताब कोशिश में आज मोहन भागवत के 75वें जन्मदिन पर एक अतिशयोक्तिपूर्ण विशेष संदेश लिखा है।
श्री रमेश ने लिखा, “प्रधानमंत्री ने याद किया कि 11 सितंबर 1893 को स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में अपना अमर भाषण दिया था। प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में अल-कायदा के आतंकी हमले हुए थे लेकिन हैरानी की बात नहीं है कि प्रधानमंत्री ने यह ज़िक्र नहीं किया कि 11 सितंबर 1906 को महात्मा गांधी ने जोहान्सबर्ग में पहली बार सत्याग्रह का आह्वान किया था। उसी समय दुनिया ने पहली बार इस क्रांतिकारी विचार को सुना था।”
कांग्रेस नेता ने श्री मोदी पर हमला बोला कि बेशक, प्रधानमंत्री से सत्याग्रह की उत्पत्ति को याद रखने की उम्मीद करना बहुत ज्यादा हो जाता है, क्योंकि सत्य शब्द ही उनके लिए अपरिचित है।

