नयी दिल्ली, 10 सितंबर (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को यहां कहा कि भारत और ओमान के बीच व्यापार समझौते की बातचीत अब पूरा होने के नजदीक है और उसके साथ व्यापार समझौता कुछ सप्ताह में हो सकता है।
श्री गोयल ने यहां उद्योग मंडल फिक्की के उद्योग-व्यापार सम्मेलन ‘फिक्की लीड्स’के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ से मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत में भी तेजी आयी है और इसके जल्दी पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ” भारत अपने मित्र देशों के साथ काम करना चाहता है और उन देशों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ना चाहता है जिनके साथ हमारे हित समान हैं। हम उनके साथ स्थायी, भरोसेमंद और परस्पर लाभदायक भागीदारी स्थापित करना चाहते हैं।”
उन्होंने बताया कि ओमान के साथ व्यापार समझौता प्रगति पर है और अगले कुछ हफ़्तों में इसके संपन्न होने की संभावना है।उन्होंने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। यूरोपीय संघ के साथ व्यापार वार्ता भी तेज़ गति से चल रही है और जल्द ही पूरी हो जाएगी। इन देशों ने अगले 15 वर्षों में विनिर्माण, नवाचार, सेवा आदि क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सम्मेलन में ओमान सल्तनत के वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश संवर्धन मंत्रालय के विदेश व्यापार एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग सलाहकार श्री पंकज खिमजी ने कहा कि वास्तविक बाधा शुल्क नहीं बल्कि गैर -शुल्कीय बाधाएँ है जिनका संबंध मानकों, विनिर्देशों और छूटों से है। इनसे बराबर सचेत रहना होगा।
मेक्सिको के व्यापार समन्वय परिषद (सीसीई) के अध्यक्ष फ्रांसिस्को सर्वेंटेस डियाज़ ने कहा, ‘ भारत के साथ मेक्सिकोकी आर्थिक साझेदारी निरंतर प्रासंगिक होती जा रही है। हमारे व्यापार प्रवाह में नए क्षेत्रों में विस्तार के अवसरों के साथ, मजबूत पूरकता दिखाई देती है।”
पेरिस के अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य मंडल (आईसीसी) के महासचिव जॉन डब्ल्यूएच डेंटन ने कहा, “वाणिज्य मंडलों, सरकारों और व्यवसायों को अनावश्यक व्यापार लागतों को कम करने और एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। इन कदमों के लिए विश्व व्यापार संगठन में सुधार की आवश्यकता नहीं है; इनके लिए दृढ़ संकल्प और सही प्रणालियों को व्यवहार में लाने की आवश्यकता है।”
फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा, “आज, आर्थिक जुझारूपन वैश्विक व्यापार की नई मुद्रा है।यह मजबूती अनुकूलनशीलता, विविधीकरण और विश्वास पर आधारित है।”
फिक्की के उपाध्यक्ष विजय शंकर ने कहा, “आज फिक्की लीड्स में, हमने इस विषय पर विचारों का एक आकर्षक आदान-प्रदान देखा कि कैसे व्यवसाय और सरकारें लचीलेपन, विश्वास और स्थायी साझेदारी को बढ़ावा देते हुए वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता से निपट सकती हैं।” भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के उच्चायुक्त महामहिम फिलिप ग्रीन ओएएम, यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष रिचर्ड हील्ड, बीसीजी के एमडी और पार्टनर अशोक राजानी ने भी सत्र के दौरान अपने विचार साझा किए। सीएनबीसी-टीवी 18 के संपादक और ब्यूरो प्रमुख परीक्षित लूथरा ने सत्र का संचालन किया।
ओमान के साथ व्यापार समझौता कुछ ही सप्ताह में संभव : पीयूष गोयल
