
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक शिक्षक का निलंबन निरस्त करते हुए उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिये है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निलंबन अवधि के निर्वाह भुगतान के संबंध में निर्णय होगा। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने इसके लिये उमरिया जिला पंचायत सीईओ को 90 दिनों मेें पूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। उमरिया निवासी राजेन्द्र सिंह मरावी की ओर से दलील दी कि याचिकाकर्ता शासकीय प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ था। उसे वर्ष 2006 से वेतन नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद वर्ष 2016 में उसे निलंबित कर दिया गया। निलंबन का यह आधार दिया गया कि याचिकाकर्ता कई वर्षों से ड्यूटी से अनुपस्थित था। इस संबंध में विभाग द्वारा जारी चार्जशीट याचिकाकर्ता को न भेजकर उसके भाई को भेजी गई। याचिकाकर्ता को इसकी जानकारी भी नहीं थी। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता निलंबन आदेश निरस्त कर उसे 17 सितंबर को जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन अवधि के भुगतान के संबंध निर्णय लिया जाएगा।
