इंदौर:नव नियुक्त कलेक्टर शिवम वर्मा ने पदभार ग्रहण किया ही था कि सांवेर व हातोद क्षेत्र के किसानों ने ग्रीन फील्ड कॉरिडोर में जमीन अधिग्रहण को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. करीब 250 से 300 किसान कलेक्टर कार्यालय की पहली मंजिल पर धरने पर बैठ गए. किसानों का कहना है कि प्रशासन उनकी जमीन को कोढ़ियों के भाव अधिग्रहित करना चाहता है.
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन भू-माफियाओं व कॉलोनाइजरों के साथ मिलकर मास्टर प्लान के नाम पर षड्यंत्र रच रहे हैं. अधिग्रहण के नोटिस के अनुसार उन्हें मात्र 7 से 14 लाख रुपए बीघा का मूल्य दिया जा रहा है, जबकि जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य 1.5 करोड़ रुपए बीघा है. किसानों ने सवाल उठाया कि इंदौर में क्या सरकार इतनी कम कीमत पर जमीन उपलब्ध करा सकती है?
किसान नेता सुमित पटेल ने कहा, कौड़ियों के भाव जमीन नहीं देंगे. मेरी 50 एकड़ सहित कुल ढाई हजार एकड़ जमीन छीनी जा रही है. हम केवल बाजार मूल्य पर ही जमीन देंगे. वहीं किसान संजय पटेल ने कहा कि ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उज्जैन से आने वाली आठ सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर ही यातायात सुधारा जा सकता है. किसानों ने मांग की कि धारा 11 के नोटिस असंवैधानिक हैं और उन्हें निरस्त किया जाए.
