
रीवा।जिला योजना समिति का गठन रीवा में कई वर्ष बीत जाने के बाद भी नही हुआ. समिति योजनाओं सहित विकास के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाती है. लेकिन अभी तक समिति का गठन न होना दुर्भाग्यपूर्ण है.
जिला पंचायत के चुनाव हुए तीन साल हो चुके है, वही विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुए दो साल होने को आए है. बावजूद इसके समिति का गठन नही हो सका. दरअसल सूत्रो का कहना है कि मऊगंज जिला बनने के बाद सदस्यों का निर्धारण अभी नही हुआ है, जिसके कारण जिला योजना समिति का गठन नही हो पाया है. जियोस का गठन कब तक होगा कुछ नही कहा जा सकता है. समिति का उद्देश्य पंचायतो और नगर पंचायतो द्वारा तैयार की गई योजनाओं को समेकित करने और जिले के व्यापक विकास के लिये योजना बनाने हेतु होता है और स्थानीय स्तर पर योजना बनाने की प्रक्रिया में लोगो की भागीदारी सुनिश्चित करना है. जिला योजना समिति विकास योजना का मसौदा तैयार कर राज्य सरकार को भेजती है. सूत्रो ने बताया कि 2018 के बाद से ही जिला योजना समिति का गठन रीवा में नही हुआ है. जिला योजना समिति की बैठक में महत्वपूर्ण विषयो को रखा जाता है और निर्णय होते है. जिसमें पूरे जिले की विकास की रूपरेखा के साथ खाका तैयार किया जाता है. लेकिन समिति का गठन न होना गंभीर विषय है. रीवा से मऊगंजा जिला भी अब अलग हो गया है, ऐसे में किस तरह से समिति गठित होगी और क्या मापदण्ड होगे यह शासन स्तर का मामला है. निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी समिति को लेकर कुछ नही बोल रहे है.
गंभीर लापरवाही है: जनपद अध्यक्ष
नईगढ़ी जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती ममता कुंजबिहारी तिवारी ने समिति गठन न होने पर कहा कि यह गंभीर लापरवाही और कानून का उल्लंघन है. उन्होने इसे दुर्भाग्यपूर्ण निराशाजनक बताया और कहा कि यह न केवल पंचायत व्यवस्था बल्कि संवैधानिक मूल्यो की हत्या है. सवाल यह है कि आखिर योजनाएं बिना समिति के अनुमोदित कैसे हो रही है. उन्होने कहा अधिकार विहीन बना दिया गया है. समिति का गठन कब होगा कुछ नही कहा जा सकता. हम लोगो का कार्यकाल तीन वर्ष पूरा हो चुका है.
