सीबीआई ने फर्जी बैंक गारंटी घोटाले में इंदौर की कंपनी के एमडी को गिरफ्तार किया

नयी दिल्ली, 09 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 183 करोड़ रुपये के फर्जी बैंक गारंटी घोटाले में इंदौर की निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की गिद्दी सी कोलियरी परियोजना के सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार, कंपनी के क्लर्क दीपक कुमार, कंपनी के सुरक्षा गार्ड नरेश कुमार और तीन अन्य व्यक्तियों, मोहम्मद सद्दाम, इसराइल अंसारी, मोहम्मद तबारक और अरुण लाल के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित हैं जिसमें इंदौर स्थित एक कंपनी द्वारा मध्य प्रदेश जल निगम लिमिटेड (एमपीजेएनएल) को जाली बैंक गारंटी देना शामिल है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में कंपनी ने मध्य प्रदेश के छतरपुर, सागर और डिंडोरी जिलों में कुल 974 करोड़ रुपये मूल्य की तीन सिंचाई परियोजनाएँ हासिल कीं। इन ठेकों के समर्थन में कंपनी ने 183.21 करोड़ रुपये मूल्य की आठ फर्जी बैंक गारंटियाँ जमा कीं। इन जाली गारंटियों के बल पर, उसे एमपीजेएनएल से मोबिलाइज़ेशन एडवांस के रूप में 85 करोड़ रुपये भी मिले। प्रारंभिक सत्यापन के दौरान, एमपीजेएनएल को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के आधिकारिक डोमेन का प्रतिरूपण करते हुए फर्जी ईमेल प्राप्त हुए, जिनमें बैंक गारंटियों की प्रामाणिकता की झूठी पुष्टि की गई थी। इन झूठी पुष्टियों पर भरोसा करते हुए, एमपीजेएनएल ने इंदौर स्थित एक निजी कंपनी को 974 करोड़ रुपये मूल्य के तीन ठेके दे दिए।

गिरफ्तार आरोपी को इंदौर न्यायालय के विशेष मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

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