सीहोर: कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में टीएल बैठक आयोजित की गई.कलेक्टर ने विभिन्न आयोगों के लंबित पत्रों की समीक्षा के दौरान कार्यवाही पर विलम्ब होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आयोगों द्वारा भेजे जाने वाले पत्र जनहित या विशेष मुद्दों से जुड़े होते हैं, इन पर त्वरित कार्यवाही कर आयोग को जवाब भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए. जनपद सीईओ द्वारा बैंक समन्वयक के कैंप में नहीं पहुंचने की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने एलडीएम को जिला पंचायत तथा जनपद पंचायत से समन्वय कर कैंप लगाने तथा बीसी की उपस्थित सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि सूचना के बाद भी यदि बीसी कैंप में नहीं पहुंचे तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाए. कलेक्टर ने जिले में खाद की पर्याप्त मात्रा में उपलबधता तथा किसानों वितरण के संबंध में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद की कालाबाजारी न हो. उन्होंने अधिकारियों को गोदामों और दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा जिले की सीमाओं पर विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसानों की उनकी भूमि के अनुपात में ही खाद का वितरण हो. कृषि विभाग के उप संचालक कृषि ने बताया कि 27 सितम्बर से किसानों को खाद का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा.
इसमें आधार भी लिंक होगा. ऑनलाइन सुविधा होने से किसानों द्वारा लिए जाने वाले खाद और भूमि संबंधी जानकारी भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी. कलेक्टर ने खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि राशन का समय पर उठाव और वितरण किया जाए. राशन की कालाबाजारी रोकने नियमित राशन दुकानों का निरीक्षण किया जाए. विक्रेताओं द्वारा हितग्राहियों से सस्ते दाम पर चावल के बाजार में महंगे दामों पर बेचने की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए. ऐसे हितग्राही जिनकी मृत्यु हो गई है या अस्तित्व में नहीं है, उनके नाम डिलिट कर नए हितग्राहियों के नाम जोड़े जाएं.
कलेक्टर बालागुरू के. ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि ब्लाक स्तर पर आदि कर्मयोगी के तहत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित करें. जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास में आदि कर्मयोगी अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका है. अंतिम छोर के व्यक्ति को सशक्त बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं एनजीओ के आदि कर्मयोगियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे दक्षता से अभियान के उद्देश्यों को सार्थक करने काम कर सकें.
कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को अपने नगरीय निकायों की डीपीआर रिपोर्ट तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों द्वारा पीएम आवास की राशि लेने के बाद भी काम शुरू नहीं किया जा रहा है, तो उनसे राशि वापस जमा कराने की कार्रवाई की जाए.
