
नैनपुर।नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 में 6 व 7 सितंबर से पानी की सप्लाई बंद है। रेलवे क्वार्टर में निवासरत नागरिकों ने जब पानी की समस्या की सूचना अपने पार्षद मोहित झरिया को दी, तो उन्होंने तुरंत सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष से वार्ड में पानी का टैंकर भेजने की मांग की। लेकिन हैरानी की बात है कि नगर पालिका प्रशासन ने साफ शब्दों में “टैंकर नहीं भेजा जाएगा” कहकर इंकार कर दिया।
पानी जैसी बुनियादी जरूरत में भी नागरिकों के साथ इस तरह का सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? आखिर मतदाताओं को पानी देने से मना करना किस नियम के तहत जायज है? यह सवाल पूरे नगर में गूंज रहा है।
जब नगर पालिका ने मदद से हाथ खींच लिया, तो वार्ड पार्षद मोहित झरिया ने अपने निजी खर्चे से प्राइवेट टैंकर मंगवाकर वार्डवासियों को पानी उपलब्ध कराया। नागरिकों ने राहत की सांस ली, लेकिन साथ ही नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की।
वार्ड 13 के लोग बताते हैं कि यह पहला मौका नहीं है। पिछले वर्ष भी पानी की किल्लत के समय नगर पालिका ने टैंकर देने से मना किया था और तब भी पार्षद को अपने निजी खर्चे से टैंकर मंगवाना पड़ा था। नागरिकों का कहना है कि पानी जैसी आवश्यक सुविधा में भेदभाव करना शर्मनाक है और इसकी जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
