नयी दिल्ली, 08 सितंबर (वार्ता) भारत और इजरायल ने एक-दूसरे के यहां आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मॉट्रिच ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किये।
आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के सदस्य देशों में भारत के साथ इस तरह का समझौता करने वाला इजरायल पहला देश बन गया है। यह समझौता निवेश संधियों के भारत के नये मॉडलों के अनुरूप है।
इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मॉट्रिच के नेतृत्व में इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल इन दिनों भारत के दौरे पर है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच विभिन्न आर्थिक सहयोगों को बढ़ावा देना है।
भारत स्थित इजरायली दूतावास ने एक बयान में बताया कि दोनों देशों के बीच आज हुआ समझौता साल 1996 में हुये समझौते की जगह लेगा, जिसे 2017 में निवेश समझौतों को लेकर भारत की नयी नीति के तहत समाप्त कर दिया गया था। इस समझौते से निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के मुख्य अर्थशास्त्रियों की टीमें इस पर काम कर रही थीं।
श्रीमती सीतारमण और श्री स्मॉट्रिच ने आपसी रणनीतिक हितों पर आधारित दोनों देशों के गहन आर्थिक संबंधों पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने नवाचार, अवसंरचना विकास, वित्तीय नियमन और डिजिटल सेवाओं के व्यापार में आर्थिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जतायी। उन्होंने क्षेत्रीय विकास बैंकों के फ्रेमवर्क के तहत सहयोग पर भी सहमति जतायी।
श्री स्मॉट्रिच ने भारतीय वित्त मंत्री को इजरायल के दौरे का निमंत्रण दिया। वे दोनों देशों की सरकारों के बीच द्विपक्षीय वित्तीय प्रोटोकॉल की स्थापना पर भी सहमत हुये, ताकि इजरायली निर्यातकों के लिए वित्तपोषण आसान हो सके।
इजरायल के वित्त मंत्री ने कहा कि वह भारत में अपने मंत्रालय का प्रतिनिधि कार्यालय खोलने की संभावना पर भी विचार करेंगे ताकि सरकार और बाजार के हितधारकों के साथ मजबूत संबंध बनाकर साझा आर्थिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जा सके।

