रीवा: मऊगंज बाईपास पर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए अपने काफिले के साथ आगे बढ़ रहे कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना को गिरफ्तार करने में प्रशासन तब सफल हुआ, जब उन्होंने खुद गिरफ्तारी देने की सहमति दी। वे देवतालाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के घेराव की तैयारी में थे।
बन्ना ने कहा कि हम यहां पिकनिक मनाने नहीं आए, बल्कि किसानों-छात्रों पर हो रही लाठीचार्ज, अस्पतालों में इलाज व पोस्टमार्टम में हो रही परेशानियां और पत्रकारों पर हो रहे हमलों को उजागर करने आए थे। उनके साथ पूर्व जिला अध्यक्ष पद्मेश गौतम, हरीलाल कोल, आशुतोष तिवारी, विश्वनाथ मिश्रा, रामबहादुर तिवारी, नृपेंद्र सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
