कटनी: जमीन और आवास की रजिस्ट्री के लिए लागू संपदा 2.0 पोर्टल नागरिकों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। सर्वर डाउन, ऑथेंटिकेशन न होने और पुराने रिकॉर्ड लिंक न होने से रजिस्ट्री की प्रक्रिया बार-बार अटक रही है। अप्रैल 2025 से यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो गई है।सबसे बड़ी परेशानी ओटीपी वेरिफिकेशन में सामने आ रही है।
रजिस्ट्री के दौरान जमीन मालिक के मोबाइल पर ओटीपी तो आता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि इसे कौन और किस उद्देश्य से मांग रहा है। ऐसे में धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती है। दूसरे जिलों या शहरों में रहने वाले जमीन मालिक हमेशा असमंजस में रहते हैं कि कहीं उनकी जमीन का गलत सौदा न हो जाए।
कई बार समय पर ओटीपी न देने से रजिस्ट्री अधूरी रह जाती है और लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।नागरिकों का कहना है कि सरकार ने इस पोर्टल को घर बैठे सुरक्षित रजिस्ट्री की सुविधा के लिए शुरू किया था, लेकिन अब यह आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। लोगों ने शासन-प्रशासन से सर्वर संबंधी खामियां दूर करने और ओटीपी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है।
