जिनेवा, 06 सितंबर (वार्ता) अफगानिस्तान में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसाइटीज (आईएफआरसी) ने आशंका जताई है कि देश में आने वाले दिनों में भूकंप से मरने वाले संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि नए झटकों के कारण सड़कों को नुकसान पहुंचने तथा भूस्खलन होने से बचाव अभियान पर असर पड़ा है।
आईएफआरसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख जॉय सिंघल ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान में अभी करीब 40 मोबाइल चिकित्सा एवं बचाव दल काम कर रहे हैं और पीड़ितों को निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाने के लिए कई हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि ये प्रयास संकट से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं क्योंकि टीमें सभी प्रभावित स्थानों तक नहीं पहुंच सकती है।
श्री सिंघल ने कहा कि वित्त पोषण की कमी के कारण अफगानिस्तान में आईएफआरसी टीमों को कर्मचारियों की संख्या में कमी करने तथा कुछ स्वयंसेवकों को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने आईएफआरसी को अतिरिक्त कार्मिक तथा चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मुद्दा केवल भूकंप के बाद की स्थिति से निपटने का ही नहीं है बल्कि भविष्य में इन क्षेत्रों में रहने की परिस्थितियों का भी है क्योंकि कई परिवारों ने अपने पशुधन खो दिए हैं और पेयजल स्रोत क्षतिग्रस्त हो गए हैं तथा घरों को नुकसान पहुंचा है।
श्री सिंघल ने पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अफ़ग़ानिस्तान का समर्थन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान और ईरान से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं लेकिन देश की आबादी कुपोषण एवं अत्यधिक खाद्य असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना कर रही है जिससे मानवीय कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त की मध्य रात्रि के आसपास पूर्वी अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था और इसके बाद कई झटके महसूस किए गए। देश में भूकंप से मरने वालों की संख्या 2,200 से ज़्यादा हो गई है और 3,600 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
