जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने भोपाल के जवाहर लाल नेहरू गैस राहत अस्पताल में पदस्थ संविदा मेडिकल ऑफिसर को पुरानी सेवा शर्तों के आधार पर सेवा में बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। संविदा सेवा समाप्त करने के मामले में जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के आयुक्त, सीएमएचओं, जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह मामला याचिकाकर्ता भोपाल निवासी डॉ. विशाल जैन की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता सोनेलाल बर्मन ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में याचिकाकर्ता को संविदा मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ किया गया था। इसके बाद एक वर्ष के लिए कार्यकाल बढ़ाया गया। पुन: एक मई 2025 को अस्पताल अधीक्षक ने संविदा सेवा बढ़ाने की अनुशंसा की।
इसके बावजूद 26 जून 2025 को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। राज्य शासन की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में कुछ शिकायतें लंबित हैं। न्यायालय ने पाया कि ये शिकायत 2023 की हैं और यह बात अधीक्षक को पता थीं। हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल याचिकाकर्ता को पूर्व की सेवा शर्तों पर सेवा में जारी रखा जाए। इसके साथ ही न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
