
ग्वालियर। नोटबंदी में बंद हो चुके 3 लाख रुपए के पुराने नोटों को बदलने आए एक संदेही की बिलौआ पुलिस की कस्टडी में मौत हो गई। यह सनसनीखेज घटना जौरासी चौकी की है। मृतक की पहचान इकबाल खान (57) निवासी छीपटी गांव, भांडेर (दतिया) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि इकबाल और उसके चार साथियों को पुराने नोट बदलने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था, हैरानी की बात ये है कि जौरासी चौकी प्रभारी पूनम कटारे और उनकी टीम पांचों को पकड़कर चौकी में बंद कर पूछताछ करती रही और उच्च अफसरों को जानकारी तक नहीं दी। मामला रफा दफा करने के लिए मृतक के परिजन को उसकी लाश देेकर रवाना भी कर दिया था।
पुलिस का कहना है कि किसी मुखबिर ने जौरासी चौकी प्रभारी पूनम कटारे को इन लोगों के पास फेक करंसी होने की खबर दे दी। इसी आधार पर जौरासी पर पांचों को पुलिस ने दबोच लिया। इकबाल के साथियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि चौकी में लाकर पुलिसकर्मियों ने सख्ती से पूछताछ की जिससे उसकी मौत हो गई।
