ल्हासा, 25 दिसंबर (वार्ता) दक्षिण पश्चिम चीन के शिजांग स्वायत्त क्षेत्र (तिब्बत) में वर्ष 2021 से अब तक 42 व्यवस्थित पुरातात्विक उत्खनन किए गये हैं, जिनमें एक लाख साल पहले की मानवीय गतिविधियों और मध्य चीन के साथ लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों के ‘पुख्ता सबूत’ मिले हैं। क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत ब्यूरो के उप निदेशक जू शाओगुओ ने 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2021-2025) के दौरान क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत की प्रगति पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये परियोजनाएं मुख्य रूप से चिंगहई-तिब्बत पठार पर मानव, कृषि और पशुपालन की उत्पत्ति तथा मध्य मैदानी क्षेत्र के साथ इस क्षेत्र के संबंधों जैसे प्रमुख ऐतिहासिक मुद्दों पर केंद्रित थीं।
उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 8,100 वर्ग मीटर के उत्खनन क्षेत्र के साथ 19 प्राचीन स्थलों और मकबरों का उत्खनन किया गया। ब्यूरो के एक अन्य अधिकारी झी शुवेई ने कहा कि शोध से संकेत मिलता है कि मानव लगभग एक लाख साल पहले पठार पर पहुंचे थे और लगभग 5,000 साल पहले व्यापक नवपाषाण संस्कृतियां उभरी थीं। श्री झी के अनुसार, कांस्य और लोहे का उपयोग क्रमशः लगभग 3,800 और 2,800 साल पहले शुरू हुआ था। श्री झी ने कहा कि विभिन्न स्थलों पर मिले रेशमी कपड़े और चाय की पत्तियों जैसे अवशेष पूरे इतिहास में शिजांग और मध्य मैदानों के बीच निरंतर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापार का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रदान करती हैं।

