गुना: जिलेभर के किसान इन दिनों डीएपी खाद की किल्लत से परेशान हैं। बमोरी से लेकर गुना मुख्यालय तक किसानों ने प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को सैकड़ों फोन कर अपनी नाराज़गी जताई। उनका कहना है कि खाद न मिलने से बोवनी प्रभावित हो रही है, जबकि विभाग दावा कर रहा है कि जिले में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कृषि विभाग के अनुसार, हाल ही में अशोकनगर से मिले रैक में 459 मीट्रिक टन डीएपी दो डबल लॉक केंद्रों पर और 420 मीट्रिक टन आरोन केंद्र पर रखा गया है।
इसके अलावा 250 मीट्रिक टन खाद निजी डीलरों को दिया गया है। विभाग का कहना है कि जिले में लगभग 1100 मीट्रिक टन डीएपी और 1124 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है तथा जल्द ही 636 मीट्रिक टन अतिरिक्त रैक भी आने वाला है। विभाग ने भरोसा दिलाया कि वितरण पारदर्शी होगा और गड़बड़ी पर कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन किसानों का आरोप है कि जानकारी समय पर साझा नहीं की जाती, जिससे कालाबाजारी और ब्लैक मार्केटिंग बढ़ती है।
उनका कहना है कि हर साल बोवनी के समय यही समस्या खड़ी होती है और विभाग केवल रैक आने की खबरों पर श्रेय लेता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खाद खेतों तक नहीं पहुंची तो वे आंदोलन करेंगे।सैकड़ों कॉल्स के दबाव के बाद मंत्री की ओर से समाधान का आश्वासन तो दिया गया है, लेकिन किसानों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तुरंत खाद चाहिए। पूरे घटनाक्रम ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
