बिना सहमति जारी प्रतिनियुक्ति आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

जबलपुर: हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने लोक स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ सहायक अभियंता को प्रतिनियुक्ति पर जल निगम भेजे जाने के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य शासन सहित अन्य को चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है। यह मामला याचिकाकर्ता छतरपुर निवासी सुचि जैन की ओर से दायर किया गया है।

जिनकी ओर से अधिवक्ता आकाश सिंघई ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सात अगस्त 2025 को एक आदेश जारी कर प्रतिनियुक्ति का निर्णय ले लिया गया। नियमानुसार इससे पूर्व याचिकाकर्ता की अनिवार्य सहमति प्राप्त नहीं की गई। आपत्ति का बिंदु यह भी है कि जल निगम एक स्वतंत्र निगम है, जो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीन नहीं आता।

इससे स्पष्ट है कि प्रतिनियुक्ति का आदेश नियमों एवं विधि के अनुरूप नहीं है। इसके अतिरिक्त याचिकाकर्ता के पति लोक निर्माण विभाग में शासकीय सेवक हैं व उसी जिले में पदस्थ हैं, ऐसे में प्रतिनियुक्ति आदेश से पारिवारिक कठिनाइयां एवं असुविधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इस संबंध में याचिकाकर्ता द्वारा विभाग को प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया था, किंतु उस पर विचार नहीं किया गया, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई।

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