इंदौर: लव जिहाद फंडिंग केस के आरोपी अनवर कादरी के पास जम्मू-कश्मीर से बना फर्जी गन लाइसेंस मिलने के बाद अब एक-एक कर नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस की जांच में सामने आया है कि असम, नगालैंड और मणिपुर जैसे उत्तर भारत राज्यों से भी बड़ी संख्या में फर्जी लाइसेंस बनवाए गए हैं. इन लाइसेंसों का कोई रिकॉर्ड स्थानीय प्रशासन और पुलिस के पास नहीं है.
सूत्रों के मुताबिक, फर्जी लाइसेंसधारियों में सिर्फ बदमाश ही नहीं, बल्कि ऊंचे वर्ग के कई लोग भी शामिल हैं. पिछले कुछ सालों में लाइसेंसी हथियार रखना एक तरह का स्टेटस सिंबल बन चुका है. पिस्टल का लाइसेंस भोपाल से लंबी और मुश्किल प्रक्रिया के बाद मिलता है, इसलिए लोग शॉर्टकट अपनाकर बाहर के राज्यों से लाइसेंस बनवा रहे हैं. नियम के मुताबिक, दूसरे राज्यों से बने लाइसेंस का स्थानीय कलेक्टोरेट में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, लेकिन ज्यादातर लोग इसकी जानकारी नहीं देते.
ऐसे में चुनाव या दंगे जैसी स्थिति में जब पुलिस हथियार जमा करवाती है, तो ये फर्जी लाइसेंसधारी बच निकलते हैं. क्राइम ब्रांच कुछ साल पहले नगालैंड के लाइसेंसधारियों पर कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन दबाव में मामला ठंडे बस्ते में चला गया था. अब अनवर कादरी केस के बाद पुलिस फिर से सक्रिय हुई है और संकेत हैं कि उत्तर पूर्व से बने लाइसेंसधारियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
