
नई दिल्ली, 03 सितंबर 2025: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा विशेष छूट दिए जाने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कोहली के लिए एक महत्वपूर्ण फिटनेस टेस्ट के नियमों में ढील दी गई है, जिससे क्रिकेट जगत में हंगामा मच गया है। कई लोगों का मानना है कि यह कदम अन्य खिलाड़ियों के लिए निर्धारित सख्त नियमों का उल्लंघन है और यह ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ दिखाता है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
इस फैसले के बाद, सोशल मीडिया पर फैंस और क्रिकेट पंडितों ने बीसीसीआई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि अगर कोहली जैसे बड़े खिलाड़ी के लिए नियमों में ढील दी जा सकती है, तो फिर फिटनेस टेस्ट का मकसद ही क्या रह जाता है? कई यूजर्स ने ट्विटर पर इस फैसले को ‘unfair’ (अनुचित) बताया है। उनका तर्क है कि सभी खिलाड़ियों के लिए नियम समान होने चाहिए, चाहे वह कितना भी बड़ा खिलाड़ी क्यों न हो।
बीसीसीआई पर पारदर्शिता की कमी का आरोप
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब टीम में जगह बनाने के लिए फिटनेस एक महत्वपूर्ण मानदंड बन गया है। कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस तरह के फैसले से युवा खिलाड़ियों के लिए गलत संदेश जाता है। बीसीसीआई को इस मामले पर चुप्पी तोड़नी चाहिए और अपनी नीतियों में पारदर्शिता दिखानी चाहिए।
