
नई दिल्ली, 03 सितंबर 2025: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के मामले में चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस नई दिल्ली के जिला निर्वाचन अधिकारी (ईआरओ) द्वारा मंगलवार को जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि खेड़ा का नाम नई दिल्ली और जंगपुरा विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज है। यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत एक दंडात्मक अपराध है। आयोग ने खेड़ा को 8 सितंबर को सुबह 11 बजे तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
बीजेपी ने लगाया आरोप, खेड़ा ने किया पलटवार
यह कार्रवाई तब हुई जब बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर खेड़ा के दो वोटर आईडी होने का आरोप लगाया। इसके जवाब में, पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर ही निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद बीजेपी के जरिए ही पता चला कि उनके पास दूसरा वोटर आईडी है। खेड़ा ने यह भी कहा कि उन्होंने 2016-17 में एक निर्वाचन क्षेत्र से अपना नाम हटाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग विपक्षी दलों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देता, लेकिन सत्तारूढ़ दल के इशारे पर तुरंत कार्रवाई करता है।
मतदाता सूची की अखंडता पर सवाल
पवन खेड़ा ने इस घटना को ‘वोट चोरी’ के मुद्दे से जोड़ा, जिस पर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ी है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि जब उन्होंने 2016 में ही अपना पता बदल लिया था, तो उनका नाम पुरानी मतदाता सूची से क्यों नहीं हटाया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या दिल्ली में ऐसे लाखों फर्जी मतदाता हैं, जिनके वोट का दुरुपयोग किया जाता है।
