
ग्वालियर। वीरपुर बांध से हनुमान बांध जाने वाले रास्ते में गिरवाई नाके स्थित एक गुफा से पानी पूरी तरह से बंद है। लेकिन आपसी राजनीतिक रंजिश के चलते एक पक्ष हनुमान बांध जाने वाली गुफा को खुलवाना चाहता है तो दूसरा पक्ष गुफा को बंद रखने के लिये तटस्थ है। ऐसे में जल संसाधन विभाग दो पक्षों के बीच में झूल रहा है और क्षेत्रीय नागरिक जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासन को दखल देना चाहिये। लेकिन वह भी शांत बैठा हुआ है।
वीरपुर बांध इस बार लबालब भर गया है। इसके बाद भी कुछ लोग यहां आये दिन कचरा डालना जारी रखे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मुहिम चलाई है। पहले कचरे की सफाई की और इसके साथ ही बोर्ड लगाये, जिस पर लिखा है जल बनाया नहीं जा सकता है। इसे बचाया जा सकता और इसमें कचरा नहीं डाले। इस बार बीरपुर बांध के पानी ने सभी सीमायें लांघ दी है। आसपास इलाके के अलावा हाइवे तक पानी पार कर गया है।
लगभग 15 वर्षो के बाद वर्षा के जल से 15 फीट तक वीरपुर बांध लबालब हुआ है । स्थानीय लोगों ने फसल बोने के लिये वर्षा में जमा हुए पानी को खंती खोदकर बहा दिया है। इस बांध के कैचमेंट एरिया में गेहूं के पौधे खड़े किये हुए है लेकिन पानी बहाने वाले किसानों पर कार्यवाही के बजाय अधिकारियों का तर्क है कि आसपास के जलस्त्रोत जीवित होने की वजह से बांध का पानी निकल गया है। लेकिन हकीकत यह है कि जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया तो आसपास पानी भरने से इलाका बच जाएगा।
