व्यावरा: जिले में डेंगू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के लिए कदम उठाने का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि डेंगू बुखार को नियंत्रित करने वाला आईवी पैरासिटामोल इंजेक्शन जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. मरीजों के परिजनों को मजबूरी में यह इंजेक्शन निजी मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार अगस्त माह में अब तक जिले में 4 डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य अमला प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर इलाज कर रहा है, लेकिन डेंगू के लिए आवश्यक दवा की कमी मरीजों और परिजनों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है. जिला चिकित्सालय में रोजाना 500 से 600 और सिविल अस्पताल में 550 तक मरीज पहुंच रहे हैं.
इनमें अधिकांश बुखार, सर्दी-जुकाम, उल्टी-दस्त और गले के इंफेक्शन से पीड़ित हैं. दूषित पानी और बदलते मौसम को बीमारियों की मुख्य वजह माना जा रहा है.
विशेषज्ञों के अनुसार समय पर उचित दवा और इलाज न मिलने से डेंगू मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में आईवी पैरासिटामोल इंजेक्शन का अस्पतालों में उपलब्ध न होना गंभीर चिंता का विषय है.
