
ब्रुसेल्स, 02 सितंबर 2025: इजराइल-हमास युद्ध के बीच, बेल्जियम ने एक बड़ा और प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है। बेल्जियम के विदेश मंत्री ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने और दो-राज्य समाधान को बढ़ावा देने के लिए एक आवश्यक कदम है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब गाजा में लगातार इजरायली हमले हो रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इजराइल की कार्रवाई की आलोचना बढ़ रही है।
इजराइल की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय स्थिति
बेल्जियम के इस फैसले पर इजराइल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने इसे “शांति प्रक्रिया के लिए एक झटका” बताया और बेल्जियम के इस कदम को “आतंकवाद को बढ़ावा देने” वाला करार दिया। इजराइल ने बेल्जियम के राजदूत को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। बेल्जियम अब स्पेन, आयरलैंड और नॉर्वे जैसे यूरोपीय देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाल ही में फिलिस्तीन को मान्यता दी है। इस कदम से इजराइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ गया है, खासकर गाजा में मानवीय संकट को लेकर।
फिलिस्तीन के लिए महत्व और भविष्य की राह
बेल्जियम द्वारा मान्यता दिए जाने के फैसले का फिलिस्तीनी नेतृत्व ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की जीत बताया है। इस मान्यता से फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना पक्ष मजबूत करने में मदद मिलेगी। हालांकि, इजराइल का रुख अभी भी सख्त है और वह इस तरह की मान्यता को सिरे से खारिज करता रहा है। यह देखना बाकी है कि बेल्जियम के इस फैसले का भविष्य में शांति वार्ता और मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।
