वॉशिंगटन , 02 सितंबर 2025: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन ने अपनी नई किताब में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने लिखा है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने “व्यावसायिक हितों” के लिए इस्लामाबाद के साथ संबंध बनाए और इस प्रक्रिया में भारत से रिश्तों को कमजोर किया। सुलिवन के अनुसार, ट्रंप का मानना था कि पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध बनाने से अफगानिस्तान में अमेरिका के सैन्य और व्यापारिक हितों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत के साथ संबंध प्रभावित हुए। इस खुलासे ने भारत-अमेरिका संबंधों के इतिहास में एक नया मोड़ ला दिया है।
भारत के लिए चिंता और रणनीतिक बदलाव
सुलिवन ने अपनी किताब में बताया कि ट्रंप प्रशासन ने कई मौकों पर भारत की रणनीतिक चिंताओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ अपने निजी व्यावसायिक संबंधों को वरीयता दी, जिससे नई दिल्ली को निराशा हुई। सुलिवन के इस दावे से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रंप का पाकिस्तान के प्रति नरम रुख भारत के साथ अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति थी। भारत सरकार ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह खुलासा दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।
भविष्य के संबंधों पर संभावित असर
पूर्व एनएसए के इस खुलासे के बाद भारत और अमेरिका के बीच भविष्य के संबंधों पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा प्रशासन ने भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है, लेकिन सुलिवन का यह दावा दोनों देशों के बीच विश्वास को प्रभावित कर सकता है। इस खुलासे ने भारत के रणनीतिकारों को एक नई चुनौती दी है कि वे भविष्य में अमेरिका के साथ संबंधों को कैसे आगे बढ़ाएं। यह मामला दर्शाता है कि भू-राजनीति में व्यक्तिगत हित किस तरह से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।

