
शिमला, 02 सितंबर 2025: हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने भयावह तबाही मचाई है। राज्य में प्रकृति के इस प्रकोप से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 326 हो गया है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता हैं। लगातार हो रही बारिश से कई सड़कें, पुल और घर ढह गए हैं। कई परिवारों के आशियाने उनकी आंखों के सामने ही उजड़ गए, जिससे वे बेघर हो गए हैं। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम इलाकों के कारण चुनौतियां बढ़ गई हैं।
बचाव और राहत कार्यों में चुनौतियाँ
राज्य के कई हिस्सों में अभी भी संपर्क मार्ग बाधित हैं, जिससे राहत सामग्री और मेडिकल टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। भारतीय सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें मलबे से लोगों को निकालने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रही हैं। भूस्खलन के कारण कई पर्यटक और स्थानीय लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जोखिम वाले इलाकों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का वादा किया है।
सरकार की घोषणाएं और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से भी इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और भी खराब हो सकते हैं। इस आपदा ने हिमाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है और इसे फिर से खड़ा करने में काफी समय लगेगा।
