जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश की अवहेलना के मामले को सख्ती से लिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले में सुनवाई दौरान पाया कि विगत सुनवाई पर भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, तहसीलदार कुनाल राउत और चंद्र कुमार ताम्रकार के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर उन्हें एक सितंबर को उपस्थित होने के निर्देश दिए गये थे।
वारंट के बावजूद तीनों अधिकारी न तो हाजिर हुए और न ही उनकी ओर से कोई वकालतनामा प्रस्तुत किया गया। इस पर एकलपीठ ने नाराजगी व्यक्त हुए तीनों धिकारियों को आज 2 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिये है।भोपाल निवासी अभिषेक तेकाम की ओर से अधिवक्ता अंकित सक्सेना ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता ने एक बिल्डर से ड्यूपलेक्स बुक किया था।
समय पर निर्माण नहीं करने पर रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में प्रकरण लगाया। रेरा ने 2022 में 50 लाख रुपए की आरआरसी जारी की, जिसका निष्पादन कलेक्टर को करना होता है। पैसे नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 18 सितंबर 2024 को कलेक्टर को 90 दिन के भीतर आरआरसी का निष्पादन कराने के निर्देश दिए थे। पालन नहीं होने पर उक्त अवमानना याचिका दायर की गई है।
