तियानजिन, 01 सितंबर (वार्ता) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मामलों के सहयोगी किरिल दिमित्रिव ने सहयोग संगठन (एससीओ) को उसकी विशेषता के लिए पश्चिमी मंचों से अलग बताया है।
श्री दिमित्रिव ने पश्चिमी आर्थिक संस्थाओं पर तंज कसते हुए कहा है कि एससीओ में सहयोग की सच्ची भावना है और वह किसी को परेशान नहीं करता। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यूरोपीय संघ और अमेरिकी प्रशासन प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर एक-दूसरे से असहमत हैं। जिसमें ट्रम्प के टैरिफ के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवहार, गाजा में हमास के खिलाफ इजरायली सैन्य अभियान और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इन मुद्दों पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ रहा है।
गौरतलब है कि चीन के शहर तियानजिन में 31 अगस्त को शुरू हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में 20 से ज्यादा सदस्य और सहयोगी देशों को एक साथ देखा गया। इस मंच पर भारत और चीन के नेताओं की मुलाकात उल्लेखनीय रही है। वहीं द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लागू किए गए व्यापक आर्थिक शुल्कों के मद्देनजर जो बातचीत हुई, उसे अवरोधक माना गया।
श्री दिमित्रिव ने मीडिया से कहा कि एससीओ की बैठक ने आपसी सहयोग को प्रदर्शित किया, जो विभाजित पश्चिमी दुनिया के विपरीत है। उनका कहना था कि संगठन के भीतर कोई किसी को परेशान नहीं करता और पूरी दुनिया इस भावना को देख रही है। जबकि कई ताकतें, खासकर यूरोप इस सहयोगी भावना के खिलाफ है।
