ओस्लो, (वार्ता) यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मंत्रियों ने सर्वसम्मति से अमेरिका से फ़िलिस्तीनी अधिकारियों को प्रवेश वीज़ा देने से इनकार करने के अपने हालिया फ़ैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने 29 अगस्त को एक बयान में कहा कि वह “आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले फ़िलिस्तीनी मुक्ति संगठन (पीएलओ) और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) के सदस्यों के वीज़ा देने से इनकार कर रहा है और उन्हें रद्द कर रहा है।”
बैठक में गाज़ा में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर भी चर्चा हुई, लेकिन इज़रायल पर और प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर प्रतिभागियों में गहरी असहमति थी।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हालाँकि सदस्य देश स्थिति की गंभीरता पर मोटे तौर पर सहमत हैं, लेकिन ठोस उपायों पर आम सहमति नहीं बन पाई है।
बैठक की अध्यक्षता करने वाले डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि बढ़ती संख्या में सदस्य देशों का मानना है कि बिना ज़्यादा दबाव के इज़रायल के रुख़ बदलने की संभावना नहीं है।
बैठक स्थल के बाहर प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और डेनमार्क तथा यूरोपीय संघ से गाजा में मानवीय संकट पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।
