फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास को संरा महासभा सत्र में भाग लेने से रोका

न्यूयॉर्क, 30 अगस्त (वार्ता) अमेरिका की ओर से फ़िलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और 80 अन्य फ़िलिस्तीनी अधिकारियों के वीज़ा को रद्द करने के बाद उन्हें (श्री अब्बास) को अगले महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भाग लेने से रोक दिया गया है।

फ़ाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फ़िलिस्तीनियों पर ‘एक काल्पनिक फ़िलिस्तीनी राज्य की एकतरफ़ा मान्यता’ की मांग पर अड़े रहने के कारण शांति के लिए वैश्विक प्रयासों को कमज़ोर करने का आरोप लगाया है।

इजरायल ने श्री अब्बास के वीज़ा रद्द किए जाने का स्वागत किया है। इजरायल के देश के विदेश मंत्री गिदोन सार ने श्री रुबियो के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “इज़रायल के ख़िलाफ़ आतंकवाद, उकसावे और क़ानूनी युद्ध के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए फिलिस्तीन के अधिकारियों और वहां राष्ट्रपति को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए श्री रुबियो को धन्यवाद। हम इस साहसिक कदम और एक बार फिर इज़रायल के साथ खड़े होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके प्रशासन को धन्यवाद देते हैं।”

उल्लेखनीय है कि अमेरिका की ओर से यह प्रतिबंध एक नियोजित पहल के तहत लगाया गया है। फ्रांस और कनाडा जैसे कई देशों ने वार्षिक वैश्विक सम्मेलन के दौरान फ़िलिस्तीन को एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने की घोषणा की है। इस कदम की व्याख्या करते हुए अमेरिका के विदेश विभाग से कहा गया है, “यह हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों में है कि फ़िलिस्तीनी मुक्ति संगठन और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण को अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन न करने और शांति की संभावनाओं को कमज़ोर करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।”

श्री अब्बास ने अमेरिका के इस कदम पर निराशा व्यक्त की है और कहा है कि अमेरिका के विदेश विभाग का निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत है।

उन्होंने कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग का निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत है। अमेरिकी प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना चाहिए और फ़िलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल को प्रवेश की अनुमति देनी चाहिए।”

वहीं श्री रुबियो ने कहा कि विभाग 1947 के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समझौतों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल को छूट देगा।, लेकिन विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह अब्बास पर लागू नहीं होगा, जो फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में आमतौर पर वार्षिक बैठक में भाग लेते हैं।

ट्रम्प प्रशासन ने फ़िलिस्तीन को राज्य का दर्जा देने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है। श्री रुबियो ने पीएलओ और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण पर आतंकवाद में लिप्त होने और युद्ध अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया है।

उन्होंने गाजा में युद्धविराम न होने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में फ़िलिस्तीनी अपीलों को भी ज़िम्मेदार ठहराया।

श्री रुबियो ने कहा, “फिलिस्तानी अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनी अभियानों के ज़रिए बातचीत को दरकिनार करने की अपनी कोशिशें भी बंद करनी चाहिए, जिनमें आईसीसी और आईसीजे में अपील और एक काल्पनिक फ़िलिस्तीनी राज्य को एकतरफ़ा मान्यता दिलाने के प्रयास शामिल हैं।”

 

 

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