रीवा:कमिश्नर कार्यालय में आयोजित संभागीय बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने आबकारी राजस्व संकलन की समीक्षा की. कमिश्नर ने कहा कि सभी जिलों में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार हर महीने आबकारी राजस्व जमा कराएं. जुर्माने की राशि भी कठोरता से वसूल करें. गत वर्षों में ठेकेदारों से वसूली की लंबित 295 करोड़ रुपए की वसूली के लिए आरआरसी जारी कराएं. अधिक दाम में शराब बिक्री की शिकायतों तथा अवैध बिक्री पर कठोर कार्यवाही करें. सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली में एफएल-2 तथा एफएल-3 लाइसेंसों की संख्या बढ़ाएं.
बैठक में उपायुक्त आबकारी आलोक खरे ने बताया कि संभाग में 64 समूहों द्वारा 226 मदिरा दुकानों का संचालन किया जा रहा है. इनसे आबकारी विभाग को अप्रैल से जुलाई माह तक 404 करोड़ 58 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है. यह गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत अधिक है. संभाग में 6 रेस्टोरेंट और 12 होटल बार के लाइसेंस जारी किए गए हैं. शराब बिक्री में अनियमितता के संबंध में उडऩदस्ते द्वारा 1616 प्रकरण दर्ज करके 52 लाख 93 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है.
विभाग द्वारा 31 जुलाई तक 1521 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं. संभाग में सीएम हेल्पलाइन के कुल 251 प्रकरण लंबित हैं. इनके निराकरण की कार्यवाही की जा रही है. बैठक में संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त रीवा अनिल जैन, उपायुक्त सतना नवीनचन्द्र पाण्डेय, जिला आबकारी अधिकारी सीधी संतोष सिंह तथा जिला आबकारी अधिकारी सिंगरौली सतीश कुमार कश्यप उपस्थित रहे.
