नयी दिल्ली, 29 अगस्त (वार्ता ) भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक अराधे और पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपुल पंचोली को शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ दिलायी।
गत 25 अगस्त को उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश के बाद, केंद्र सरकार ने 27 अगस्त को उनकी नियुक्तियों पर सहमति व्यक्त की थी। इन नियुक्तियों के साथ, उच्चतम न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या, स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 34 तक पहुंच गई है।
गुजरात उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पदोन्नति ने तब सबका ध्यान आकर्षित किया जब ऐसी खबरें आईं कि कॉलेजियम की बैठक के दौरान न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने उनके नाम पर असहमति व्यक्त की थी। न्यायमूर्ति पंचोली 28 मई, 2033 तक उच्चतम न्यायालय में कार्यरत रहेंगे।
न्यायमूर्ति आलोक अराधे ने अपना न्यायिक करियर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से शुरू किया और फिर कर्नाटक उच्च न्यायालय और जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में न्यायिक कार्य किया। बाद में वे तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने और फिर उन्हें बॉम्बे उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उच्चतम न्यायालय में उनका कार्यकाल 13 अप्रैल, 2029 तक रहेगा।

