जबलपुर: मूंग- उड़द खरीदी के समय शहपुरा के मजीठा स्थित एमएलटी वेयरहाउस में बसेड़ी समिति द्वारा किए गए उपार्जन में मूंग और उड़द की फर्जी खरीदी मामले में अधिकारियों द्वारा जांच जारी है। विगत दिनों कलेक्टर दीपक सक्सेना के आदेश पर दो दिन का कैंप भी वेयरहाउस में लगाया गया था, जहां पर किसानों ने अपने दस्तावेज, आवेदन और शिकायतें प्रस्तुत की हैं। अब उन्हीं किसानों के दस्तावेज और खरीदी का मिलान किया जा रहा है। इसके बाद यह पता चलेगा कि कितने किसानों के नाम पर समिति और वेयरहाउस द्वारा फर्जी खरीदी की गई है।
विदित है कि कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश में एमएलटी वेयर हाउस मजीठा में लगे कैंप में मूंग एवं उड़द बेचने वाले सभी किसानों का सत्यापन होना था, जिसमें कुल 552 किसानों ने खरीदी और आपत्ति से संबंधित दस्तावेज जमा किए हैं। जिसके आधार पर आगे की जांच चल रही है।
लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की हुई फर्जी खरीदी
उल्लेखनीय है कि खरीदी के दौरान एमएलटी वेयरहाउस के केंद्र पर बसेड़ी समिति द्वारा फर्जी मूंग की एंट्री कर ली है, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रारंभिक जांच की थी, जिसमें पाया गया था कि भेड़ाघाट स्थित बसेड़ी सेवा सहकारी समिति के वेयरहाउस केंद्र में लगभग 1600 क्विंटल मूंग और 300 क्विंटल उड़द की फर्जी एंट्री हुई है। जहां बिना फसल लाए ही भ्रष्टाचारियों द्वारा उक्त मूंग और उड़द की एंट्री पोर्टल पर कर दी, जिसमें दोनों फसलों की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ से ऊपर की होगी।
इनका कहना है
किसानों के दस्तावेज जमा हो चुके हैं, जांच दल द्वारा खरीदी से उसका मिलान किया जा रहा है। उसके बाद ही आगे कार्यवाही होगी।
डॉ एस के निगम, कृषि उपसंचालक
