सतना : जिला चिकित्सालय परिसर में पुलिस चौकी के सामने निजी एंबुलेंस संचालकों के बीच हुई मारपीट की घटना से संबंधित वीडियो वाइरल होने के बाद गुरुवार को अस्पताल रोड पर मौजूद अतिक्रमण को हटाए जाने की कार्रवाई की गई. हलांकि अतिक्रमण को हटाए जाने की कार्रवाई का सभी ने स्वागत किया. लेकिन निजी एंबुलेंस संचालकों के बीच टकराव के चलते आए दिन कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी होने के बावजूद भी कोतवाली पुलिस का लचर रवैया लोगों को रास नहीं आ रहा है.
सोशल मीडिया में एक वीडियो वाइरल हुआ था. जिसमें अस्पताल चौकी के सामने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में निजी एंबुलेंस संचालकों के दो गुट के बीच मारपीट होती नजर आ रही है. इतना ही नहीं बल्कि एक निजी एंबुलेंस संचालक द्वारा पुलिस कर्मियों के सामने उनकी चौकी से उनकी ही लाठी निकाल कर दूसरे एंबुलेंस संचालक को मारता दिखाई दे रहा है.
वीडियो के जरिए यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि न तो अस्पताल चौकी और न ही कोतवाली पुलिस के पास इतना दमखम बचा है कि अस्पताल परिसर में खुलेआम अराजकता फैलाने वाले निजी एंबुलेंस संचालकों और उनके गुर्गों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके. वाइरल वीडियो के बावजूद भी एक ओर जहां कोतवाली पुलिस मूक दर्शक बनी नजर आई. वहीं दूसरी ओर प्रशासन द्वारा उसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं समझा गया.
गुरुवार को एसडीएम राहुल सिलाडिय़ा, डीएसपी यातायात संजय खरे और प्रभारी आरटीओ संजय श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंच गए. जहां पर तीनों अधिकारियों ने अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे के साथ चर्चा की. चर्चा करने के बाद कुछ निजी एंबुलेंस संचालकों और पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों को तलब करते हुए वस्तु स्थिति को समझने का प्रयास किया गया.
जिसके बाद तीनों अधिकारी अस्पताल रोड पर उतर गए और नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते के जरिए वहां पर मौजूद सभी ठेले-गुमटी हो हटा दिया गया. यह कार्रवाई अस्पताल रोड से लेकर कन्या महाविद्यालय के गेट तक हुई. इस दौरान कुछ दुकानदारों के सामान को जब्त भी कर लिया गया. इसी कड़ी में अधिकारियों द्वारा सहकारी बैंक के निकट खड़ी होने वाली निजी एंबुलेंस की जांच की गई. गड़बड़ी पाए जाने पर वहां पर खड़ी दो एंबुलेंस को जब्त कर लिया गया. हलांकि अस्पताल रोड तो साफ-सुथरी हो गई. लेकिन कुछ देर बाद ही समूची कार्रवाई को धत्ता बताते हुए कन्या महाविद्यालय के पास अतिक्रमणकारी वापस लौट आए.
फिर लगा जमघट
अस्पताल चौकी के गेट पर खड़े होकर एक दूसरे से मारपीट करने पर निजी एंबुलेंस संचालकों के दोनों पक्ष से मिली शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस द्वारा प्रकरण तो दर्ज कर लिया गया. लेकिन उसके बाद कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई. जिसका नतीजा यह हुआ कि गुरुवार की देर शाम जिला चिकित्सालय के मुख्य गेट के सामने आधा सैकड़ा से अधिक की संख्या में निजी एंबुलेंस संचालक और उनके गुर्गे एकत्रित हो गए. इस दौरान आपसी बातचीत के जरिए वे जोर-जोर से गाली-गलौच करते हुए लोगों को धमकाने का प्रयास करते रहे. लेकिन इसके बावजूद भी कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अराजकता कर रहे लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई
