
बबलिया। पूरे जिले समेत बबलिया क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मूसलाधार वर्षा ने खरीफ की मुख्य फसल धान और रबी की तैयारी के लिए बोई गई सरसों को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। लगातार हो रही क्षति से किसानों में भारी खलबली मची हुई है, जिससे किसानों के माथे में चिंता की लकीरें स्पष्ट दिख रही है।
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि खेतों में कटी हुई धान की फसल पानी में डूबी होने के कारण सड़ रही है। जल जमाव के साथ-साथ इसमें कीटों का प्रकोप भी बड़े पैमाने पर देखा जा रहा है, जिससे फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जो खड़ी फसल बची थी, वह भी तेज हवा और पानी के कारण गिर चुकी है। गिरी हुई फसल में भी कीड़े लग गए हैं और वह पानी के कारण गल रही है, जिससे किसानों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इसी तरह सरसों की फसल पर भी अतिवृष्टि का गंभीर प्रभाव पड़ा है। अधिक नमी के कारण पौधों में कीड़े लग गए हैं, और उनके फूल तेजी से गिर रहे हैं। फूलों के गिरने से सरसों की उपज की कोई संभावना नहीं बची है। किसानों का कहना है कि उनकी भारी क्षति हो रही है और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वे क्षेत्र में हुए नुकसान का तत्काल सर्वे करवाएँ और प्रभावित कृषकों को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान करें जिससे उन्हें इस संकट से बाहर निकलने में मदद मिल सके।
