जबलपुर: नगर परिषद मझौली लगातार भ्रष्टाचार और मनमानी के चलते सुर्खियों में है। चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 हो या फिर अन्य विकास योजनाएं। हितग्राहियों को लाभ तो मिल ही नहीं पा रहा, उल्टे परेशान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का जिन पात्र लोगों ने योजना के अंतर्गत आवेदन किया, उनके कच्चे मकान और खाली प्लॉट को नगर परिषद के कर्मचारियों ने पक्का मकान दिखा दिया और इसके आधार पर हितग्राहियों को नोटिस थमा दिया कि आपका मकान पक्का पाया गया, इसलिए योजना से वंचित कर दिए जाएंगे।
भ्रष्टाचार का नया पैटर्न!
लोगों का कहना है कि नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारी मिलीभगत से सर्वे रिपोर्ट तैयार करते हैं, ताकि वास्तविक हितग्राहियों को योजना से बाहर कर अपने चहेतों को फायदा पहुँचाया जा सके। वार्डों में रहने वाले गरीब परिवारों का आरोप है कि उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। वार्ड क्रमांक 8 निवासी महिला सुधा बाई ने बताया कि हमारा मकान टूटा-फूटा है, रहने की हालत नहीं है, फिर भी रिपोर्ट में पक्का मकान लिखा गया। अब हमें ही नोटिस भेज दिया गया। यह तो सरासर अन्याय है।
